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Essay Corruption India Hindi

भ्रष्टाचार की काली दुनिया…

Speech / Hindi Essay on Corruption

भ्रष्टाचार पर निबंध / भाषण

Friends, corruption पर लिखने में मुझे थोड़ी झिझक हो रही है, क्योंकि सही मायने में इसके बारे में बोलने या लिखने का हक उसी को है जो पूरी तरह से ईमानदार हो…जो कभी किसी corruption का हिस्सा ना बना हो! But unfortunately मैं सौ फीसदी ईमानदार नहीं हूँ…कभी मैंने पुलिस के चालान से बचने के लिए पैसे दिए हैं तो कभी मैंने रेल यात्रा के लिए unfair means का use किया है… तो कभी मुझे किसी और के भ्रष्टाचार का लाभ मिला है। अपने आपको सांत्वना देने के लिए बस इतना कह सकता हूँ कि मैं एक serial offender नहीं हूँ; मैंने ज़िन्दगी में बहुत से अच्छे काम भी किये हैं और कर रहा हूँ। हालांकि ये भी सच है कि सौ अच्छे काम कर लेना आपको एक बुरा काम करने का अधिकार नहीं देता… बस इसीलिए इस subject पे लिखने में थोड़ी झिझक हो रही है…काश मैं 100% ईमानदार होता!

Read:एक चुटकी ईमानदारी – ईमानदारी पर एक प्रेरक कहानी

खैर, लिखना तो है ही, सो मैं अपनी बात आपसे शेयर कर रहा हूँ…

Essay on Corruption in Hindi

भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार का क्या मतलब होता है?

शाब्दिक अर्थ की बात करें तो इसका मतलब होता है भ्रष्ट आचरण या  bad conduct.

अगर बाकी जीव-जंतुओं की नज़र से देखा जाये तो human beings से अधिक करप्ट कोई हो ही नहीं सकता…हम अपने फायदे के आगे कुछ नहीं देखते…हमारी वजह से ना जाने कितने जंगल तबाह हो गए…कितने animal species extinct हो गए…और अभी भी हम अपने selfish needs के लिए हर पल दुनिया में इतना प्रदूषण फैला रहे हैं हमने पृथ्वी के अस्तित्व को ही खतरे में डाल दिया है।

और ये सब bad conduct ही तो है! भ्रष्टाचार ही तो है; isn’t it.

लेकिन दुनिया करप्शन या भ्रष्टाचार को कुछ ऐसे डिफाइन करती है-

भ्रष्टाचार निजी लाभ के लिए (निर्वाचित राजनेता या नियुक्त सिविल सेवक द्वारा) सार्वजनिक शक्ति का दुरुपयोग है।

सरल शब्दों में कहें तो किसी नेता या सरकारी नौकर द्वारा personal benefits के लिए अपने अधिकार का दुरूपयोग ही भ्रष्टाचार है।

Corruption एक global phenomenon है! शायद आपको जानकार आश्चर्य हो कि दुनिया की Top 50 Corrupt Countries की लिस्ट में भारत का नाम शामिल नहीं है! जी हाँ, अगर Transparency International की रिपोर्ट पे यकीन किया जाए तो China और Russia जैसे देश में यहाँ से ज्यादा करप्शन है!

अब ये बात और है कि उन्होंने किस आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है, पर इतना तो पक्का है की करप्शन कोई अकेले भारत या किसी और देश की समस्या नहीं है…मेरी समझ से ये समस्या इंसान की है…जिसका क्रमिक विकास कुछ ऐसे हुआ है कि वो अपने फायदे के आगे औरों की नहीं सोचता!

और शायद ये इंसान के innate nature का ही परिणाम है कि करप्शन सिर्फ चंद लोगों तक सीमित नहीं है बल्कि पूरा का पूरा समाज ही भ्रष्ट आचरण में लिप्त है। हाँ, कुछ ऐसे लोग ज़रूर हैं जो ईमानदार हैं पर majority of people कहीं न कहीं भ्रष्ट हैं। 

हो सकता है मैं बहुत pessimistic sound कर रहा होऊं और कुछ लोग मेरी बात से hurt हों, लेकिन अगर हमें किसी समस्या का समाधान ढूँढना है तो समस्या की जड़ को समझना बहुत ज़रूरी है। Of course, ये मेरे अपने थोट्स हैं और कल को मुझे खुद ही ये गलत लग सकते हैं, पर अभी जो मेरा दिल कह रहा है मैं वो आपसे शेयर कर रहा हूँ।

Friends, जब मैं MBA कर रहा था तो मेरा एक दोस्त अक्सर कहा करता था— “ईमानदार वो होता है जिसे बेईमानी का मौका नहीं मिलता!”

Read:दांव-पेंच Hindi Story on Corruption

गाँधी जी से प्रभावित होने के कारण तब मैं उसकी बात से काफी नाराज़ होता था…लेकिन करीब 10 साल के work experience, जिसमे मैंने बहुत कुछ देखा और नज़रंदाज़ किया है, के बाद मुझे उसकी बात पर गुस्सा नहीं आता और लगता है कि वो पूरी तरह न सही पर बहुत हद्द तक सच कहता था!

वैसे तो by definition करप्शन को सीधे सरकार और सरकारी अफसरों से जोड़ कर देखना चाहिए, लेकिन अगर कुछ देर के लिए हम  इसकी definition को थोड़ा ब्रॉड कर दें और सिर्फ सरकारी नहीं बल्कि आम लोगों की तरफ भी नज़र उठा कर देखें तो हर तरफ बेईमानी दिख जायेगी –

  • दूध का धंधा करने वाला उसमे पानी मिलाता है….
  • सेहत दुरुस्त करने के नाम पर नकली दवाईयां बिकती हैं…
  • बिजनेस करने वाले अपने फायदे के लिए झूठ बोलने से नहीं चूकते…
  • बिजली चोरी को तो लोग अपना अधिकार समझते हैं…
  • स्कूल में admission के लिए डोनेशन मांगी जाती है….
  • नौकरीपेशा आदमी टैक्स बचाने के लिए फेक मेडिकल बिल्स लगाना गलत नहीं समझता…
  • और सरकारी महकमो में करप्शन के बारे में बताने की ज़रूरत ही नहीं है…उनके घोटाले लाख या करोड़ में नहीं होते लाख करोड़ में होते हैं…

पर इस लेख में मैं अपनी बात public sector corruption या सरकारी भ्रष्टाचार तक ही सीमित रखूँगा…क्योंकि दरअसल यही वो भ्रष्टाचार है जो आम लोगों को भ्रष्ट बनने के लिए कभी मदद करता है तो कभी मजबूर!

भारत की पहली महिला IPS officer किरण बेदी का कहना है कि-

इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने के लिए रखे गए हर 100 रुपये में से सिर्फ 16 रुपये ही वास्तव में इस काम में प्रयोग होते हैं बाकी के 84 रु गायब हो जाते हैं। ( read more of Kiran Bedi’s Quotes)

अगर पब्लिक सेक्टर में भ्रष्टाचार नहीं होता तो देश की स्थिति बहुत अलग होती-

  • ये देता है करप्शन!

    हमारे पास अच्छी सडकें होतीं और हादसों में हम अपनों को नहीं खोते

  • हमारे पास चौबीसों घंटे बिजली होती और आधी आबादी को अँधेरे में ज़िन्दगी नहीं बितानी पड़ती 
  • हमारे पास बेहतर स्वस्थ्य सेवाएं होतीं और लोगों की जान इतनी सस्ती नहीं होती
  • हमारे किसान खुशहाल होते और और कोई आत्महत्या नहीं होती
  • हमारे सभी बच्चे स्कूल जाते और किसी को घूम-घूम कर कूड़ा उठाने की ज़रूरत नहीं होती
  • और अगर यहाँ भ्रष्टाचार नहीं होता तो आज 1 अरब 21 करोड़ आबादी वाले देश के पास कम से कम 21 ओलम्पिक मैडल तो होते ही!

दोस्तों, हम मिडल क्लास या well off लोगों के लिए भ्रष्टाचार के मारे लोगों का दर्द समझना मुश्किल है…लेकिन बस एक बार सोच के देखिये…आप गरीब घर में पैदा हुए होते और सरकारी योजनाओं में धांधली की वजह से आपका बचपन कूड़ा बीनने या ढाबों में काम करने में बीता होता तो आज आप कैसा महसूस करते?? Let us be a little more sensitive and try to understand the damage corruption has done and is doing to our society.

ब्रिटिश राइटर Charles Caleb Colton का कहना था –

भ्रष्टाचार बर्फ के गोले के सामान है, एक बार ये लुढकने लगता है तो बढ़ता ही जाता है . ( Read more Quotes on Corruption)

और अक्सर इस गोले की शुरुआत सरकारी दफ्तरों से ही होती है, यानि अगर हम वहीँ इस गोले को लुढकने से रोक दें तो काफी हद तक भ्रष्टाचार रोका जा सकता है।

किसी भी भारतीय के मन में ये सवाल आना स्वाभाविक है कि आखिर हमारे देश में इतना करप्शन क्यों है?

पहले लोग कहा करते थे की सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कम होती है इसलिए वे बेईमानी से पैसा कमाते हैं…पर वो एक weak excuse था…एक के बाद एक कई Pay commissions के आ जाने के बाद भी बहुत से government officials corrupt activities में involve पाए जाते हैं।

यानि कारण कुछ और ही है, इसे थोडा समझते हैं-

Basically, सरकार क्या है? वो हमीं लोगों के बीच से चुने गए जन प्रतिनिधियों का समूह है। और हम कैसे लोगों को चुन कर भेजते हैं…ऐसे नहीं जो सबसे ईमानदार हों….बल्कि ऐसे जो कम बेईमान हों…option ही नहीं होता…करें भी तो क्या?

इसलिए जो लोग सरकार बनाते हैं उसमे ज्यादातर करप्ट लोग ही होते हैं…और अगर थोड़े से भी बेईमान आदमी को पॉवर मिल जाती है तो उसे महा बेईमान बनने में देर नहीं लगती… वो कहते भी तो हैं –

Power corrupts and absolute power corrupts absolutely.

बस फिर क्या सत्ता के नशे में ये नेता IAS officers और bureaucrats को अपने हाथों की कठपुतलियां बना लेते हैं, and in turn, ये हाई रैंक ऑफिसर्स अपने नीचे वालों….और वे अपने नीचे वालों को….and so on….करप्ट बनाते चले जाते हैं….भ्रष्टाचार का गोला बड़ा होता चला जाता है और आम आदमी को भी अपने लपेटे में ले लेता है, और अंत में उसे भी करप्ट बना देता है।

और ये पिछले 70 साल से होता आया है, इसलिए ये बहुत से नेताओं और अधिकारियों की को इसकी लत लग चुकी है। उनके ऑफिस में गाँधी जी की तस्वीर लगी होती है और लिखा होता है, “honesty is the best policy”, लेकिन सही मायने में वे भूल चुक होते हैं कि ईमानदारी भी कोई चीज होती है।

इसके अलावा, individual level पे, आदमी का लालच उसे करप्ट बना देता है। ऊपर का अधिकारी ईमानदार हो तो भी अगर नीचे का आदमी भ्रष्ट है तो वो अपने लेवल पे भ्रष्टाचार करता है।

करप्शन के और भी बहुत से कारण गिनाये जा सकते हैं…पर उससे क्या होगा…फायदा तो तब है जब इससे पार पाने इसका खात्मा करने के बारे में बात हो…इसलिए मैं यहाँ अपने विचार रख रहा हूँ कि –

करप्शन को कैसे रोका जा सकता है?

How to stop corruption in Hindi?

1) माता-पिता और शिक्षक के माध्यम से:

एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था –

अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो , मेरा दृढ़तापूर्वक  मानना  है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु. (कलाम साहब के बेस्ट इंस्पायरिंग थोट्स यहाँ पढ़ें)

तो पहले स्टेप तो घर से ही शुरू होता है.

जब कोई पिता बच्चे से कहता है कि जाओ अंकल से कह दो की पापा घर पे नहीं हैं…तो वो जाने-अनजाने अपने बच्चे के मन में भ्रष्टाचार का बीज बो रहा होता है।

जब माँ अपने बच्चे की गलती पर पर्दा डाल कर दूसरे के बच्चे को दोष दे रही होती है तो वो भी अपने बच्चे को गलत काम करने के लिए बढ़ावा दे रही होती है।

और जब कोई शिक्षक परीक्षा में नक़ल कराता है या ऐसे होते देख कर भी चुप रहता है तो वो भी अपने शिष्यों को भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ा रहा होता है।

माता-पिता और शिक्षक आज जो करते हैं उससे कल के भारत का निर्माण होता है इसलिए बेहद ज़रूरी हो जाता है कि वे बच्चों को उच्चतम नैतिक शिक्षा का पाठ पढाएं और इस पाठ को पढ़ाने का सबसे सशक्त तरीका यही है कि वे उनके सामने कभी ऐसा आचरण न करें जो कहीं से भी wrong या immoral conduct को support करता हो।

2) Proper Systems setup करके :

चूँकि भ्रष्टाचार बस कुछ लोगो तक सीमित नहीं है और ज्यादातर लोग इसमें लिप्त हैं इसलिए हमें checks and balances का एक ऐसा system develop करना होगा जहाँ  पहले से set rules and algorithms की मदद से चीजें की जा सकें और किसी व्यक्ति विशेष की सोच का इतना असर ना पड़े।

इसी पॉइंट का extension है- technology का सही इस्तेमाल। हम available technologies के इस्तेमाल से भी करप्शन कम कर सकते हैं। For example: ट्रैफिक रूल्स follow हो रहे हैं, ये ensure करने के लिए high speed cameras का प्रयोग किया जा सकता है और अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसे system अपने आप ही fine slip भेज सकता है। इससे लोग rules तो follow करेंगे ही और साथ ही लाखों ट्रक वालों और आम लोगों का exploitation भी कम हो जाएगा।

I know, ये सब करना इतना आसान नहीं है, पर धीरे-धीरे ही सही इस दिशा में बढ़ा तो जा ही सकता है।

3) कानून को सरल बना कर:

रोमन एम्पायर के हिस्टोरियन और सीनेटर टैकिटस का कहना था-

जितना अधिक भ्रष्ट राज्य होगा उतने अधिक कानून होंगे.

ये बात बहुत सही है। जब नियम-क़ानून इतने complex हो जाते हैं कि आम आदमी उसने समझ न सके तो फिर उनका पालन करना उतना ही मुश्किल हो जाता है। और इसी बात का फायदा उठा कर सरकारी अफसर और कर्मचारी उसे exploit करते हैं।  For example आपके पास चाहे दुनिया भर के पेपर हों, लेकिन अगर ट्रैफिक पुलिस वाला आपका चालान काटना चाहता है तो उसे कोई नहीं रोक सकता है…इतने नियम हैं कि वो कहीं न कहीं आपको गलत साबित कर ही देगा!

हाल ही में सरकार ने जो तमाम tax structures हैं उन्हें हटा कर एक GSTax (GST) introduce करने की पहल की है वो इस दिशा में एक अच्छा कदम है।

धीरे-धीरे हमें और भी बहुत से क़ानून simple और people friendly बनाने होंगे, तभी करप्शन कम हो पायेगा।

चुनाव की प्रक्रिया पर बड़ा परिवर्तन लाकर

आज कोई भी ऐसी पार्टी नहीं है जो आपराधिक छवि और दागदार लोगों को टिकट ना देती हो। Election commission को चाहिए कि वो किसी भी हालत में ऐसे लोगों और इनके spouses को चुनाव न लड़ने दे, तब भी जब मामला कोर्ट में चल रहा हो।

आज मुखिया के चुनाव में भी करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और सबकुछ जानते हुए भी सरकार चुप रहती है। इसलिए चाहिए कि चुनावी खर्चे की जो लिमिट निर्धारित की गयी है उसपर कड़ी नज़र रखी जाए कि कोई उससे अधिक खर्च ना करे, और ऐसा होता है तो तत्काल उसका टिकट निरस्त किया जाना चाहिए।

जब करप्ट लोग संसद या विधानसभा में पहुँचने से रोके जायेंगे तो भ्रष्टाचार ज़रूर कम होगा।

4) सरकारी काम-काज में transparency ला कर:

कुछ जगहों पर टेंडर्स के लिए ऑनलाइन बिडिंग का सिस्टम लाया जा रहा है, जो की एक अच्छा कदम है। सरकारी काम काज जिनती transparency के साथ होगा भ्रष्टाचार के chances उतने ही कम होंगे।

(Right To Information) RTI कानून इस दिशा में एक बड़ा कदम है। इसे और सशक्त बनाने और इसके बारे में awareness फैलाने की ज़रूरत है।

5) TAT fix करके:

सरकार को public से relateज्यादातर सरकारी कामों के लिए TAT यानि turn around time (वो समय जितने में काम पूरा हो जायेगा) fix करना चाहिए और इसकी जानकारी सम्बंधित विभाग की नोटिस बोर्ड्स पर दी जानी चाहिए।और अगर काम समय पर पूरा न हो तो concerned officer को इसके लिए accountable ठहराया जाना चाहिए।

ऐसा होने पर सरकारी कर्मचारी बेकार में किसी का काम डिले करके उससे पैसे नहीं वसूल सकेंगे।

6) घूस लेने और देने वालों के लिए सख्त से सख्त सजा का प्रावधान करके:

सरकारी नौकरी को 100% सुरक्षित माना जाता है, मतलब एक बार आप घुस गए तो कोई आपको निकाल नहीं सकता है! और अधिकतर होता भी यही है, अगर कोई किसी करप्ट एक्टिविटी में पकड़ा भी जाता है तो अधिक से अधिक उसे कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है और वो पैसे खिला कर फिर से वापस आ जाता है!

इस चीज को बदलने की ज़रूरत है। भ्रष्टाचार में लिप्त इंसान अपने फायदे के लिए करोड़ों लोगों का नुक्सान करता है, खराब सडकें, दवाइयां और खान-पान की चीजें लोगों की जान तक ले लेती हैं और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति को सख्त से सख्त सजा मिलनी ही चाहिए। नौकरी से निकाले जाने के साथ साथ जेल और भारी जुर्माने का भी प्रावधान होना चाहिए। मीडिया को भी ऐसे लोगों को समाज के सामने लाने में कोई कसर नहीं छोडनी चाहिए।

Bribe लेने वालों के साथ-साथ, उन लोगों के लिए भी कठोर सजा का प्रावधान होना चाहिए जो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत या घूस देने की कोशिश करते हैं।

जैसे ही भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ लोगों पर क़ानून का डंडा चलेगा…करप्शन का ग्राफ तेजी से नीचे गिरने लगेगा।

7) स्पीडी जजमेंट देकर:

भारत में अपराधियों के बीच डर कम होने का एक बड़ा कारण है यहाँ की बेहद धीमी न्याय प्रक्रिया, जिसे ये फेमस फ़िल्मी डायलॉग “तारीख पे तारीख…तारीख पे तारीख…” बखूबी बयान करता है।

अपराधी जानता है कि अगर वो पकड़ा भी जाता है तो उसे सजा मिलने में दशकों बीत जायेंगे, इसलिए वो और भी निडर होकर अपराध करता है। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट्स,Ombudsman, और नए judges की भारती और technology  के प्रयोग से इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द तेज बनाया जाना चाहिए।

We all know- justice delayed is…justice denied!

8) भ्रष्टाचारियों की मदद लेकर:

अगर चोरी रोकनी है तो ये जानना बेहतर होगा कि आखिर चोरी होती कैसे है और इस बारे में चोर से अच्छा कौन बता पायेगा? इसी तरह अगर भ्रष्टाचार रोकना है तो हमें इसमें दोषी पाए गए लोगों की ही मदद लेनी चाहिए कि इसे रोका कैसे जाए! ये सिस्टम के सारे loopholes जानते हैं और एक robust system create करने में काफी मदद कर सकते हैं। May be, हम इस तरह से मदद करने वालों की सजा में कुछ कमी करने का incentive देकर उन्हें मदद करने के लिए motivate कर सकते हैं।

दोस्तों, भ्रष्टाचार पहले ही करोड़ों बच्चों से उनका बचपन; युवाओं से उनकी नौकरी और लोगों से उनका जीवन छीन चुका है। हमें किसी भी कीमत पर इसे रोकना होगा। आज आज़ाद भारत को एक बार फिर देशभक्तों की ज़रूरत है…खादी का कुर्ता पहन लेने और जय हिंदी बोल देने से कोई देशभक्त नहीं बन जाता… देशभक्त वो होता है जो अपने देश की जनता को अपना समझता है और उसके दुखों और समस्याओं के लिए हर हालात से मुकाबला करने को तैयार रहता है। यदि हमें भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है तो हमें संसद में नेताओं को नहीं देशभक्तों को भेजना होगा…और अगर कोई देशभक्त न नज़र आये तो हमें खुद वो देशभक्त बनना होगा…तभी कभी मानव सभ्यता का सबसे महान रहा हमारा भारत फिर से दुनिया का माहनतम देश बन पायेगा और हम गर्व के साथ कह सकेंगे—मेरा भारत महान!

जय हिन्द!

एक निवेदन: क्या आपके दिमाग में भी करप्शन ख़त्म करने से सम्बंधित कुछ सुझाव हैं? यदि हाँ, तो कृपया कमेन्ट के माध्यम से हमसे ज़रूर शेयर करें.

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भ्रष्टाचार पर निबंध हिंदी में व इसे रोकने के उपाय Essay on corruption in Hindi

क्या आप भारत में बढ़ते जा रहे हैं भ्रष्टाचार को रोकने का उपाय जानना चाहते हैं?
क्या आपको नहीं लगता भ्रष्टाचार की समस्या का समाधान निकालना बहुत आवश्यक है?

भ्रष्टाचार पर निबंध व इसे रोकने के उपाय Essay on corruption in Hindi

भ्रष्टाचार पर निबंध हिंदी में Essay on stop corruption in Hindi

वर्तमान भारत में आज भ्रष्टाचार हमारे देश भारत में पूरी तरह से फ़ैल चूका है। भारत में आज लगभग सभी प्रकार के आईटी कंपनियां,  बड़े कार्यालय, अच्छी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भी आज भारत पूरी तरीके से विकसित होने की दौड़ में बहुत पीछे है। इसका सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार ही तो है। चाहे वह समाज का कोई लोग हो, सरकारी कर्मचारी हो या कोई राजनीतिक नेता, का कार्य क्षेत्र हो हर जगह भ्रष्टाचार ने अपना घर बना लिया है। आज भ्रष्टाचार कुछ इस प्रकार से भारत में बढ़ चुका है कि कहीं-कहीं तो भ्रष्टाचार के बिना काम ही नहीं होता है।

भ्रष्टाचार के प्रभाव Effects of corruption in Hindi

भ्रष्टाचार कुछ इस प्रकार से भारत में दीमक की भांति फैल चुका है कि इसके सभी प्रभाव तो बता पाना बड़ा मुश्किल है। भले ही कोई ढ़ोंगी बाबा हो या कोई रोड, ईमारत या पुल बनाने वाले कॉन्ट्रैक्टर का काम हो जगह आपको भ्रष्टाचार दिख ही जाएगा। भारत में कई जगहों पर धर्म, संप्रदाय,आस्था और विश्वास के नाम पर लोगों का शोषण किया जा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में पैसे या घूस न देने पर काम पूरे नहीं होते हैं।

दुकानों में मिलावट का सामान मिल रहा है और कई कंपनियों का सामान खाने लायक ना होने पर भी भ्रष्टाचार के कारण दुकानों पर मिल रहा है। कुछ चंद पैसों के लिए बड़े-बड़े कर्मचारी और नेता गलत चीजों को पास कर देते हैं जिसका प्रभाव आम आदमी पर पड़ता है। पहले कार्यालय में घूस लेना और भ्रष्टाचार, खासकर दफ्तरों में काम करने वाले लोगों की आय कम और व्यय ज्यादा होने के कारण दिखता था परंतु अब जब सरकार ने कर्मचारियों को अच्छा वेतन देना भी शुरू कर दिया है तब भी भ्रष्टाचार में कमी नहीं दिख रही है।

भ्रष्टाचार में कमी ना दिखने का सबसे बड़ा कारण है कि भ्रष्टाचार अब हर किसी की आदत सा बन चुका है। अब भ्रष्टाचार होने पर भी लोगों को लगता है कि यह हर दिन का काम ही तो है। जब तक हमारा देश भ्रष्टाचार मुक्त नहीं होगा तब तक हम भारत को विकसित देश नहीं बना पाएंगे। आज भ्रष्टाचार के कारण ही कई प्रकार के सरकार द्वारा शुरू किये गए सार्वजनिक कार्य सही से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। रोड तो बनते हैं, बड़ी इमारतें बनती पर कुछ ही सालों में ख़राब हो जाते हैं। यह सब भ्रष्टाचार के कारण होता है और ख़ामियाज़ा आम आदमी को भुगतना पड़ता है।

भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय How to stop corruption in hindi?

1. सरकारी कर्मचारियों को अच्छा वेतन Proving Good salary for government employee

लगभग सभी केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के रिपोर्ट के अनुसार काफी हद तक अब अच्छा वेतन मिल रहा है। अभी भी राज्य सरकार के कर्मचारियों को सही प्रकार से वेतन नहीं मिल पाया है। परंतु वेतन अच्छा मिलने पर भी भ्रष्टाचार अब दफ्तरों में एक आदत सा बन चुका है जिसके कारण दिनों दिन भ्रष्टाचार बढ़ते चले जा रहा है। इसलिए सोच समझकर और सही समय पर वेतन बढ़ाया जाना चाहिए जिससे कर्मचारी के मन में भ्रष्टाचार की भावना उत्पन्न ना हो सके।

2.  दफ्तरों में लोगों की कमी Lack of workers in offices

कई सारे सरकारी दफ्तरों में जरूरत से बहुत कम कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं जिसके कारण काम करने वाले हैं कर्मचारियों पर भार बढ़ते जाता है। इससे दो प्रकार की असुविधाएं उत्पन्न होती है पहले आम आदमी का काम सही समय पर पूर्ण नहीं हो पाता है और दूसरा काम को जल्दी पूर्ण करने-कराने के लिए लोग भ्रष्टाचार का रास्ता अपनाते हैं। इसमें जो लोग घुस देते हैं उनका काम पहले हो जाता है और जो लोग घुस नहीं देते हैं या तो उनका काम पूर्ण होने में पूरा साल लग जाता है या कभी पूर्ण होता ही नहीं है। भ्रष्टाचार को सरकारी दफ्तरों में पूरी तरीके से बंद करने के लिए हर विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्य करने वाले आयोग बनाने चाहिए जो ऐसे अनैतिक कार्यों पर ध्यान रखें।

3. सभी कार्यालय में कैमरा लगाया जाये CCTV Camera for offices

आज कल लगभग सभी कार्यालयों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जो कार्यालय में निगरानी रखने के लिए लगाए गए हैं। परंतु कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे कि यह सीसीटीवी कैमरे अन्य विभाग के द्वारा संभाले जाएं जो ऑफिस में काम करते हुए कर्मचारियों पर निगाह रखे। इससे ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी घुस लेने से डरेंगे और लेने पर पकड़े भी जाएंगे।

4. कड़ी सजा Strict punishment & law for corruption

भ्रष्टाचार को रोकने का सबसे आसान रास्ता है भ्रष्टाचार करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। भ्रष्टाचार भी आतंकवाद और देशद्रोह के समान है और यह एक बहुत ही बड़ा अपराध है जिससे देश की आर्थिक स्तिथि पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आप खुद ही सोच कर देखिए एक ऐसा अपराध जिसके कारण देश उन्नति ना कर पा रहा हो क्या उसके लिए मात्र कुछ छोटे-मोटे ही सजा मिलना सही होगा।  भ्रष्टाचार करने वाले को देशद्रोह करने वाले के समान मानना होगा और उनके लिए कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान बनाना पड़ेगा। ऐसा करने से लोग भ्रष्टाचार करने से पहले 10 बार सोचेंगे।

5. भ्रष्टाचार का विरोध करें Always oppose corruption

भ्रष्टाचार बढ़ने का मात्र एक  सबसे बड़ा कारण है और वह है भ्रष्टाचार का साथ देना। भले ही किसी कार्यालय में हमारा कोई कार्य पूर्ण हो या ना हो हमें कदापि भ्रष्टाचार का साथ नहीं देना चाहिए। भ्रष्टाचार इसीलिए होता है क्योंकि हम उसे होने देते हैं। हमें हमेशा भ्रष्टाचार का विरोध करना चाहिए और लोगों को इसके विषय में जागरूकता प्रदान करना चाहिए।

भारत में हुए सबसे बड़े भ्रष्टाचार के घोटाले The Top 10 Corruption Scams in India

  1. भारतीय कोयला आवंटन घोटाला Indian Coal Allocation Scam – 2012 – 1,86,000 Crore
  2. 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला 2G Spectrum Scam – 2008 – 1,76,000 Crore
  3. वक्फ बोर्ड भूमि घोटाला Wakf Board Land Scam – 2012 – 1.50,000 Crore
  4. राष्ट्रमंडल खेलों के घोटाला Commonwealth Games Scam – 2010 – 70,000 Crore
  5. तेलगी घोटाला Telgi Scam – 2002 – 20,000 Crore
  6. सत्यम घोटाला Satyam Scam – 2009 – 14,000 Crore
  7. बोफोर्स घोटाला Bofors Scam – 1980s & 90s – 100 to 200 Crore
  8. चारा घोटाला The Fodder Scam – 1990s – 1,000 Crore
  9. हवाला घोटाला The Hawala Scandal – 1990-91 – 100 Crore
  10. हर्षद मेहता और केतन पारेख आईटी कंपनियां Harshad Mehta & Ketan Parekh Stock Market Scam – 1992 – 5000 Crore Combined